श्रीअरविंद की शक्ति

निःसंदेह, मेरी शक्ति आश्रम तथा उसकी अवस्थाओं तक सीमित नहीं है। जैसा कि तुम जानते ही हो कि इसका बहुत बड़ा भाग युद्ध को सही दिशा देने और मानव जगत में हो रहे परिवर्तन में सहायता पहुंचाने में प्रयुक्त हो रहा है । आश्रम के दायरे से बाहर और योग-साधना  न करने वाले व्यक्तियों की सहायता करने के लिए भी इसका प्रयोग होता है। अवश्य ही, यह चुपचाप किया जाता है और मुख्यतः आध्यात्मिक क्रिया के द्वारा होता है ।

संदर्भ : श्रीअरविंद अपने विषय में 

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