प्र) आध्यात्मिक पूर्णता में क्या विनोदप्रियता का कोई स्थान है ?
उ) अगर कोई सिद्ध कभी नहीं हँसता तो वह उसकी अपूर्णता है ।
संदर्भ : श्रीअरविंद के पत्र
एक या दो बार, बस खेल-ही-खेलमें आपने अपनी या श्रीअरविंदकी कोई पुस्तक ली और सहसा…
मेरे प्यारे बालक, तुम हमेशा मेरी भुजाओं में रहते हो और मैं तुम्हें सुख-सुविधा देने,…