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लापरवाही

आश्रम में जब कपड़े धोने की व्यवस्था शुरू हुई कुछ धुले हुए कपड़े माताजी के देखने के लिए उनके पास लाये जाते थे । एक दिन धुले कपड़ों की बड़ी -सी गठरी उनके सामने लाकर रखी गयी । माताजी ने यूं ही गठरी के बीच से एक कपड़ा निकाला और उसपर एक भद्दा सा दाग लगा था । जो कपड़े दिखा रहा था वह काफी घबरा गया, परंतु यह बात थी बड़ी शिक्षाप्रद कि माताजी का हाथ सीधा उसी कपड़े पर गया जिसमें दाग था ।

संदर्भ : माताजी की झाँकियाँ 

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