किसीने माताजी से पूछा, ‘आपने आश्रम के लिये पांडिचेरी जैसा गरम स्थान क्यों चुना ? ‘ माताजी ने कहा, ‘श्रीअरविंद को समुद्र पसंद था, मुझे चुनना होता तो पहाड़ चुनती | ‘
सन्दर्भ : माताजी की झांकियां
तुम पानी में गिर पड़ते हो। वह विपुल जलराशि तुम्हें भयभीत नहीं करती। तुम हाथ-पांव…
अंदर की बेचैनी ही तुम्हें आंतरिक और बाह्य रूप से नींद लेने से रोकती है।…
तुम्हें डरना नहीं चाहिये। तुम्हारी अधिकतर कठिनाइयां भय से आती है। वास्तव में, ९० प्रतिशत…
श्रीअरविंद ने कितनी ही बार इस बात को दोहराया है कि परमात्मा हास्यप्रिय हैं और…