भगवान के प्रति आज्ञाकारिता में सरलता के साथ सच्चे रहो – यह तुम्हें रूपांतर के मार्ग पर दूर तक ले जायेगा।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-२)
जीवनयात्रा में समस्त भय, संकट और विपदा का सामना करने के लिए कवच के रूप…
अपने तुच्छ, स्वार्थपूर्ण व्यक्तित्व से बाहर निकलो ओर अपनी भारतमाता के योग्य शिशु बनो ।…