हमारे जीवनों के रूप का आकार गढ़ने वाली ये घटनाएं
अवचेतना के स्पन्दनों की एक शून्यमात्र हैं
जिन्हें हम कदाचित् ही अनुभव कर पाते या आश्चर्यचकित होते हैं,
ये एक दमित वास्तविकताओं की एक उपज हैं
जो बहुत कम हमारे संसारी दिवस में ऊपर उठ सामने आती हैं:
ये आत्मा के अन्तर सूर्य की गुप्त शक्तियों से उत्पन्न होती हैं
जो आपात्-काल में अन्तर में सुरंग खोद प्रकट हो जाती हैं।
संदर्भ : “सावित्री”
तुम्हें जो चीज़ जाननी चाहिये वह है, ठीक तरह से यह जानना कि तुम जीवन…
उनके दुःख-दर्द से तीव्र रूप से पीड़ित होकर मैं तेरी ओर मुड़ी और उसका उपचार…
भागवत शक्ति को ग्रहण करने की क्षमता प्राप्त करने तथा तुम्हारे माध्यम से बाह्य जीवन…
यह कभी न भूलो कि तुम अकेले नहीं हो । भगवान् तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारी…
जहाँ कहीं तुम एक महान अंत देखो, निश्चित हो जाओ कि एक महान आरंभ हो…