स्पष्टतः, अभी यह एक संक्रमण-काल है जो काफ़ी लम्बे समय तक रह सकता है और है भी कष्टदायक। कभी-कभी इस कष्टदायक प्रयास (बहुधा कष्टदायक) की क्षतिपूर्ति, हमें जिस लक्ष्य तक पहुँचना है उसके स्पष्ट दर्शन से, उस लक्ष्य के स्पष्ट दर्शन से जिसे हम जरूर प्राप्त करेंगे: एक आश्वासन से, हाँ, निश्चिति से होती है। लेकिन वह कुछ ऐसी चीज़ होगी जिसमें मानसिक जीवन की समस्त भ्रान्ति, विकृति, सारी कुरूपता को निकाल बाहर करने की शक्ति होगी-और तब वह ऐसी मानवजाति होगी जो बहुत प्रसन्न, मानव होने से बहुत सन्तुष्ट होगी, जिसे मनुष्य से अलग कुछ और बनने की ज़रूरत महसूस न होगी, लेकिन उसमें मानव-सौन्दर्य और मानव-सामञ्जस्य होगा।

संदर्भ : पथपर

शेयर कीजिये

नए आलेख

उनकी कृपा बरसेगी अवश्य…

जीवनयात्रा में समस्त भय, संकट और विपदा का सामना करने के लिए कवच के रूप…

% दिन पहले

भय

जिस चीज़ से मनुष्य डरता है, वह तब तक आते रहने की प्रवृत्ति रखती है, जब…

% दिन पहले

भारत माता के योग्य शिशु

​अपने तुच्छ, स्वार्थपूर्ण व्यक्तित्व से बाहर निकलो ओर अपनी भारतमाता के योग्य शिशु बनो ।…

% दिन पहले

चुनाव

वह समय आ गया है जब हमें एक चुनाव, मौलिक और सुनिश्चित चुनाव करना होगा।…

% दिन पहले

अवलोकन

प्यारी माँ, मैंने देखा है कि 'क' की उपस्थिती में मैं कुछ चीज़ें नहीं कर…

% दिन पहले

समस्या का निचोड़

सारी समस्या का निचोड़ यह है :  बुद्धि के मानसिक प्रशासन की जगह आध्यात्मिक चेतना…

% दिन पहले