नियंत्रण के बिना कोई समुचित काम संभव नहीं है ।
नियंत्रण के बिना समुचित जीवन संभव नहीं है ।
और सबसे बढ़कर, नियंत्रण के बिना कोई साधना नहीं है ।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-१)
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती। सच्ची प्रगति है हमेशा भगवान् के…