लोग अपनी नियति के बारे में रोते-धोते रहते हैं और अनुभव करते हैं कि अगर…
बिलकुल स्वाभाविक रूप से हम अपने-आपसे पूछते हैं कि वह कौनसा रहस्य है जहां पीड़ा…
हम सब के अन्दर समरूप से जो भागवत उपस्थिती है वह कोई अन्य प्राथमिक मांग…
अपनी आत्मा का अनुगमन करो, अपने मन का नहीं, अपनी आत्मा का, जो सत्य को…
समाजवादी चाहते हैं पूंजीवाद को खत्म करना, किन्तु ऐसा न करना बेहतर होगा। वे राष्ट्रीय…
ध्यान के द्वारा प्राप्त किया गया अचंचल मन सचमुच बहुत कम समय के लिए रहता…
मैं तुम्हें अपना पुराना मन्त्र बताती हूं; यह बाह्य सत्ता को बहुत शान्त रखता है…
तुम्हारें लिए यह बिल्कुल संभव है कि तुम घर पर और अपने काम के बीच…
अगर अपात्रता का भाव तुम्हें उमड़ती हुई कृतज्ञता से भर देता है और आनन्दातिरेक के…