श्रेणियाँ श्री माँ के वचन

तेरे ज्ञान की अभीप्सा

हे प्रभु ! किस तीव्रता के साथ मेरी यह अभीप्सा तेरी ओर उठ रही है। तू अपने विधानका हमें पूरा ज्ञान दे, तेरी इच्छाका हमें अनवरत मान ताकि तेरे निश्चय हमारे निश्चय हों, जीवन केवल तेरी सेवामें अर्पित हो और तेरी प्रेरणा को यथासंभव पूर्ण रूपसे प्रकट करे।

हे स्वामी ! दूर कर सब अंधकार, सब अंधता, और ऐसी कृपा कर कि हर कोई उस स्थिर निश्चयात्मक ज्ञानका आनंद लाभ करे जो तेरे देवी प्रकाश से मिलता है।

सन्दर्भ : प्रार्थना और ध्यान 

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