मधुर माँ ,
हमें डर क्यों लगता है, डर कहाँ से आता है ?
उ.) भय विरोधी शक्तियों की खोज है जिसे उन्होने जीवित प्राणियों, मनुष्यों और पशुओं पर अधिकार जमाने के सबसे अच्छे साधन के रूप में बनाया है ।
जो शुद्ध है, अर्थात ऐकांतिक रूप से भगवत प्रभाव में है – उनमें डर नहीं होता ।
संदर्भ : श्रीमातृवाणी खण्ड-१६
तुम पानी में गिर पड़ते हो। वह विपुल जलराशि तुम्हें भयभीत नहीं करती। तुम हाथ-पांव…
अंदर की बेचैनी ही तुम्हें आंतरिक और बाह्य रूप से नींद लेने से रोकती है।…
तुम्हें डरना नहीं चाहिये। तुम्हारी अधिकतर कठिनाइयां भय से आती है। वास्तव में, ९० प्रतिशत…
श्रीअरविंद ने कितनी ही बार इस बात को दोहराया है कि परमात्मा हास्यप्रिय हैं और…