यदि तू अंत्यन्त घृणित कीट तथा अत्यन्त अधम अपराधी को प्यार नहीं कर सकता तब भला तू यह कैसे विश्वास कर सकता है कि तू ने अपने अन्तर में भगवान को स्वीकार कर लिया है ।
संदर्भ : विचारमाला और सूत्रावली
मैं तुम्हें अपना पुराना मन्त्र बताती हूं; यह बाह्य सत्ता को बहुत शान्त रखता है…
अगर अपात्रता का भाव तुम्हें उमड़ती हुई कृतज्ञता से भर देता है और आनन्दातिरेक के…
कभी मत बुड़बुड़ाओ । जब तुम बुड्बुड़ाते हो तो तुम्हारे अन्दर सब तरह की शक्तियां…