यदि तू अंत्यन्त घृणित कीट तथा अत्यन्त अधम अपराधी को प्यार नहीं कर सकता तब भला तू यह कैसे विश्वास कर सकता है कि तू ने अपने अन्तर में भगवान को स्वीकार कर लिया है ।

संदर्भ : विचारमाला और सूत्रावली

शेयर कीजिये

नए आलेख

स्थायी अचंचलता

ध्यान के द्वारा प्राप्त किया गया अचंचल मन सचमुच बहुत कम समय के लिए रहता…

% दिन पहले

शांति मंत्र

मैं तुम्हें अपना पुराना मन्त्र बताती हूं; यह बाह्य सत्ता को बहुत शान्त रखता है…

% दिन पहले

घर और काम में साधना

तुम्हारें लिए यह बिल्कुल संभव है कि तुम घर पर और अपने काम के बीच…

% दिन पहले

अपात्रता का भाव

अगर अपात्रता का भाव तुम्हें उमड़ती हुई कृतज्ञता से भर देता है और आनन्दातिरेक के…

% दिन पहले

दो चीज़ें

ये दो चीज़ें एकदम अनिवार्य है : सहनशक्ति और एक ऐसी श्रद्धा जिसे कोई भी…

% दिन पहले

कभी मत बुड़बुड़ाओ

कभी मत बुड़बुड़ाओ । जब तुम बुड्‌बुड़ाते हो तो तुम्हारे अन्दर सब तरह की शक्तियां…

% दिन पहले