जो ज्ञान तुझे जीवन में प्राप्त है बस वैसा ही बन और उसी को जीवन में उतार; तभी तेरा ज्ञान होगा तेरे अन्दर विद्यमान जीवंत भगवान।
संदर्भ : विचारमाला और सूत्रावली
जीवनयात्रा में समस्त भय, संकट और विपदा का सामना करने के लिए कवच के रूप…
अपने तुच्छ, स्वार्थपूर्ण व्यक्तित्व से बाहर निकलो ओर अपनी भारतमाता के योग्य शिशु बनो ।…