श्रेणियाँ संस्मरण

आश्रम का स्थान

किसीने माताजी से पूछा, ‘आपने आश्रम के लिये पांडिचेरी जैसा गरम स्थान क्यों चुना ? ‘ माताजी ने कहा, ‘श्रीअरविंद को समुद्र पसंद था, मुझे चुनना होता तो पहाड़ चुनती | ‘

सन्दर्भ : माताजी की झांकियां 

शेयर कीजिये

नए आलेख

अवलोकनों का प्रशिक्षण

तुम्हारा अवलोकन बहुत कच्चा है। ''अन्दर से'' आने वाले सुझावों और आवाजों के लिए कोई…

% दिन पहले

रूपान्तर होगा ही होगा

क्षण- भर के लिए भी यह विश्वास करने में न हिचकिचाओ कि श्रीअरविन्द नें परिवर्तन…

% दिन पहले

अपने चरित्र को बदलने का प्रयास करना

सबसे पहले हमें सचेतन होना होगा, फिर संयम स्थापित करना होगा और लगातार संयम को…

% दिन पहले

भारत की ज़रूरत

भारत को, विशेष रूप से अभी इस क्षण, जिसकी ज़रूरत है वह है आक्रामक सदगुण,…

% दिन पहले

प्रेम और स्नेह की प्यास

प्रेम और स्नेह की प्यास मानव आवश्यकता है, परंतु वह तभी शांत हो सकती है…

% दिन पहले

एक ही शक्ति

माताजी और मैं दो रूपों में एक ही 'शक्ति' का प्रतिनिधित्व करते हैं - अतः…

% दिन पहले