एक प्राचीन मनीषी ने कहा है :
” अशुभ नाम की कोई चीज़ नहीं है । बस, संतुलन की कमी है । ”
“कोई चीज़ बुरी नहीं है । सिर्फ चीज़ें अपने स्थान पर नहीं है । ”
संदर्भ : प्रश्न और उत्तर (१९५०-१९५१)
एक या दो बार, बस खेल-ही-खेलमें आपने अपनी या श्रीअरविंदकी कोई पुस्तक ली और सहसा…
मेरे प्यारे बालक, तुम हमेशा मेरी भुजाओं में रहते हो और मैं तुम्हें सुख-सुविधा देने,…