श्रेणियाँ श्री माँ के वचन

अपनी सहायता कैसे करें ?

अपनी सहायता करने का सबसे अच्छा उपाय है, औरों की सहायता करना। अगर तुम सच्चे हो तो शीघ्र ही यह जान लोगे कि उनकी सभी कठिनाइयाँ और सभी असफलता स्वयं तुम्हारे अन्दर की समान कमियों की निश्चित निशानियाँ है। नि:संदेह, उनसे यह प्रमाणित होता है कि तुम्हारें अन्दर की कोई चीज़ इतने पर्याप्त रूप से पूर्ण नहीं है कि सर्वशक्तिमान हो। मानव जाति एक ऐसा रोगी बच्चा है जो हमेशा ऐसी चीज़ मांगता है जो उसके लिए अच्छी नहीं हैं । लोकोपवाद एक ऐसी माँ की तरह है जो अपने बच्चे को संतुष्ट करने के लिए उसे ऐसी चीज़ें दे देगी जो हानिकर हैं।

संदर्भ : श्रीमाँ के वचन (भाग-२)

शेयर कीजिये

नए आलेख

आत्मा का अनुगमन

अपनी आत्मा का अनुगमन करो, अपने मन का नहीं, अपनी आत्मा का, जो सत्य को…

% दिन पहले

पूंजीवाद

समाजवादी चाहते हैं पूंजीवाद को खत्म करना, किन्तु ऐसा न करना बेहतर होगा। वे राष्ट्रीय…

% दिन पहले

स्थायी अचंचलता

ध्यान के द्वारा प्राप्त किया गया अचंचल मन सचमुच बहुत कम समय के लिए रहता…

% दिन पहले

शांति मंत्र

मैं तुम्हें अपना पुराना मन्त्र बताती हूं; यह बाह्य सत्ता को बहुत शान्त रखता है…

% दिन पहले

घर और काम में साधना

तुम्हारें लिए यह बिल्कुल संभव है कि तुम घर पर और अपने काम के बीच…

% दिन पहले

अपात्रता का भाव

अगर अपात्रता का भाव तुम्हें उमड़ती हुई कृतज्ञता से भर देता है और आनन्दातिरेक के…

% दिन पहले