तूने मेरी सत्ता को अनिर्वचनीय शांति और अद्वितीय विश्रांति से भर दिया है … किसी व्यक्तिगत विचार या इच्छा के बिना, मैंने अपने-आपको तेरी अनंतता द्वारा निष्क्रिय भाव से झुलाये जाने दिया ।
संदर्भ : प्रार्थना और ध्यान
मैं तुम्हें अपना पुराना मन्त्र बताती हूं; यह बाह्य सत्ता को बहुत शान्त रखता है…
अगर अपात्रता का भाव तुम्हें उमड़ती हुई कृतज्ञता से भर देता है और आनन्दातिरेक के…
कभी मत बुड़बुड़ाओ । जब तुम बुड्बुड़ाते हो तो तुम्हारे अन्दर सब तरह की शक्तियां…