ऑरोदुनिया

श्रीअरविंद और श्रीमाँ का संसार

  • परिचय
  • श्रीअरविंद के वचन
  • श्री माँ के वचन
  • श्रीअरविंद की अलौकिक कहानी
  • श्रीमाँ की अलौकिक कहानी
  • खामोश आवाजें
  • अनुभूतियाँ
ऑरोदुनिया community Create a post

ऑरोदुनिया

  1. Home
  2. श्रीमातृवाणी खण्ड २

श्रीमातृवाणी खण्ड २

Recent
  • Most Voted
  • Most Viewed
  • Most Discussed
  • Recent
  • Featured
  • Random
वाणी और क्रिया में सच्चाई
630

वाणी और क्रिया में सच्चाई

by श्री माँ 6 महीना ago6 महीना ago
आंतरिक जीवन की साधना
620

आंतरिक जीवन की साधना

by श्री माँ 7 महीना ago7 महीना ago
  • 220
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    उदार विचार

    मैंने अभी कहा था कि हम अपने बारे में बड़े उदार विचार रखते हैं और मेरे ख़याल से, वास्तव में हमारे दोष भी प्रायः हमें...

    श्री माँ
    by श्री माँ 8 महीना ago8 महीना ago
  • 820
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    मनुष्य

    यदि सारे विश्व में मनुष्य जैसा दुर्बल कोई नहीं हैं तो उस जैसा दिव्य भी नहीं है । संदर्भ : मातृवाणी (भाग-२)

    श्री माँ
    by श्री माँ 10 महीना ago10 महीना ago
  • 700
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    सच्चा मनुष्य

    यह निश्चित है कि बिना किसी कष्ट के सत्य बोल सकने के लिये सबसे अच्छा ढंग है कि हम अपना व्यवहार सदा इस प्रकार रखे...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 370
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    दुःख झेलना जाना

    यदि किसी समय तुम्हें कोई गभीर दुःख, दारुण संशय या तीव्र कष्ट अभिभूत और हताश कर रहा हो तो शान्ति और स्थिरता पुनः प्राप्त करने...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 340
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    यादें

    हमें यादों से इतना स्नेह होता है क्योंकि वे सार्वभौमिक हैं। उनके अन्दर ‘अनन्तता’ के रस का कुछ अंश होता है। जिसे दैनिक घटनाओं में...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 670
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    सर्वोत्तम उदाहरण

    व्यापक दृष्टि से विचार करने पर मुझे ऐसा लगता है कि प्रचार करने योग्य सबसे उपयोगी विचार दोहरा है: (१) मनुष्य स्वयं अपने अन्दर ही...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 1350
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    सच्ची वीरता

    तुम पानी में गिर पड़ते हो। वह विपुल जलराशि तुम्हें भयभीत नहीं करती। तुम हाथ-पांव मारते हो, साथ ही तैरना सिखाने वाले अपने शिक्षक को...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 730
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    प्रफुल्लता

    किसी वर्षाप्रधान देश के एक बड़े शहर में एक दिन तीसरे पहर मैंने सात-आठ गाड़ियां बच्चों से भरी देखीं। वे लोग सवेरे ही गांवों की...

    श्री माँ
    by श्री माँ 4 वर्ष ago4 वर्ष ago
  • 650
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    यादों से स्नेह

    हमें यादों से इतना स्नेह होता है क्योंकि वे सार्वभौमिक हैं। उनके अन्दर ‘अनन्तता’ के रस का कुछ अंश होता है। जिसे दैनिक घटनाओं में...

    श्री माँ
    by श्री माँ 6 वर्ष ago6 वर्ष ago
  • 260
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    हर चीज़ सबकी है

    हर चीज़ सबकी है। यह कहना या सोचना : “यह चीज़ मेरी है”, एक ऐसा अलगाव पैदा करता है, एक ऐसा भेद लाता है जो...

    श्री माँ
    by श्री माँ 6 वर्ष ago6 वर्ष ago

श्रेणियां

  • श्रीअरविंद के वचन
  • श्री माँ के वचन
  • श्रीअरविंद की अलौकिक कहानी
  • श्रीमाँ की अलौकिक कहानी
  • संस्मरण
  • अनुभूतियाँ
  • दर्शन संदेश
  • खामोश आवाजें
  • आंरोंविल
  • अन्य
3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
  • स्थायी अचंचलता

    स्थायी अचंचलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    शांति मंत्र

    शांति मंत्र

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    घर और काम में साधना

    घर और काम में साधना

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अपात्रता का भाव

    अपात्रता का भाव

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    दो चीज़ें

    दो चीज़ें

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    कभी मत बुड़बुड़ाओ

    कभी मत बुड़बुड़ाओ

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आंतरिक परिवर्तन

    आंतरिक परिवर्तन

  • महर्षि श्रीअरविंद का चित्र
    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    निराशा से दूर रहो

    निराशा से दूर रहो

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ कक्षा लेते हुए
    क्या बच्चो को सज़ा देनी चाहिये?

    क्या बच्चो को सज़ा देनी चाहिये?

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सच्चा सुख कब ?

    सच्चा सुख कब ?

  • श्रीमाँ का चित्र
    तेरा आश्वासन

    तेरा आश्वासन

  • श्रीअरविंद का चित्र
    आध्यात्मिक जीवन में सफलता

    आध्यात्मिक जीवन में सफलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    प्रार्थना

    प्रार्थना

  • श्रीअरविंद का चित्र
    समग्र योग का अर्थ

    समग्र योग का अर्थ

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रद्धा के नेत्र

    श्रद्धा के नेत्र

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    माताजी की शक्ति

    माताजी की शक्ति

© 2026 श्रीअरविंद और श्रीमाँ के चरणों में In Search of The Mother

log in

Captcha!
Forgot password?

forgot password

Back to
log in