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  2. माताजी के वचन भाग – ३

माताजी के वचन भाग – ३

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नींद का विद्यालय
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नींद का विद्यालय

by श्री माँ 2 महीना ago2 महीना ago
शारीरिक अव्यवस्था का सामना
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शारीरिक अव्यवस्था का सामना

by श्री माँ 2 महीना ago2 महीना ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    सजीव और स्थायी शांति

    यह पृथ्वी तब तक सजीव और स्थायी शांति का उपभोग नहीं कर सकतीं जब तक मनुष्य अपने अन्तर्राष्ट्रीय व्यवहारों में भी पूर्ण रूप से सत्यपरायण...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ अपने कक्ष में
    श्री माँ के वचन

    बीमारी में रुचि

    अगर तुम बीमार पड़ते हो तो तुम्हारी बीमारी की इतनी व्याकुलता और भय से देख-रेख की जाती है, तुम्हारी इतनी परिचर्या की जाती है कि...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    श्री माँ के वचन

    मिथ्यात्व से पीछा छुड़ाने का उपाय

    जो लोग मिथ्यात्व से पीछा छुड़ाने के लिये उत्सुक हैं, उनके लिये एक उपाय है :   अपने-आपको खुश करने की कोशिश न करो, औरों...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ का सुन्दर चित्र
    श्री माँ के वचन

    संस्थाओं के लिये

    कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती । सच्ची प्रगति है हमेशा ‘भगवान’ के अधिक निकट आना । हर गुजरता हुआ वर्ष पूर्णता...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की अधिष्ठात्री श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    मिथ्यात्व को जीतने की पहली शर्त

    अतिमानस अपने-आपमें केवल ‘सत्य’ ही नहीं, बल्कि मिथ्यात्व का नितान्त निषेध है। अतिमानस ऐसी चेतना में कभी नहीं उतरेगा, प्रतिष्ठित और अभिव्यक्त न होगा जो...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    अतिमानस की स्थायी उपस्थिती

    जब अतिमानसिक दैहिक मन में अभिव्यक्त होगा, केवल तभी उसकी उपस्थिती स्थायी हो सकती है । संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-३)

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ का वॉल्पेपर
    श्री माँ के वचन

    ज्योतिषियों की बात

    तुम ज्योतिषियों की बात पर विश्वास ही क्यों करते हो ? यह विश्वास ही मुश्किल लाता है ।   श्रीअरविन्द कहते हैं कि मनुष्य अपने बारे में जो सोचता है...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago1 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    श्री माँ के वचन

    हिंसा का साधन

    किसी उद्देश्य की विजय के लिए हिंसा कभी भी बहुत अच्छा साधन नहीं होती। कोई अन्याय द्वारा न्याय, घृणा द्वारा सामंजस्य प्राप्त करने की आशा...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    श्री माँ के वचन

    अवतारवाद का अर्थ

    सर्वशक्तिमान होने के नाते भगवान धरती पर उतरने का झंझट किये बिना ही लोगों को ऊपर उठा सकते हैं। अवतारवाद का तभी कुछ अर्थ होता...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    भगवती श्री माँ दर्शन देते हुई
    श्री माँ के वचन

    रूपान्तर

    जो रूपान्तर के लिये तैयार हैं वे उसे किसी भी जगह कर सकते हैं। और जो तैयार नहीं है वे जहां कही भी हो नहीं...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago

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3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
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    भारत की भूमिका

    भारत की भूमिका

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    दुनिया की ग़लतियाँ?

    दुनिया की ग़लतियाँ?

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    स्थिरता और तमस

    स्थिरता और तमस

  • श्रीअरविंद के पत्र
    बातचीत से अवसन्नता

    बातचीत से अवसन्नता

  • दर्शन संदेश १५ अगस्त २०१८ (२/४)
    आश्वासन

    आश्वासन

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सच्चे ‘सत्य’ की अभिव्यक्ति

    सच्चे ‘सत्य’ की अभिव्यक्ति

  • श्रीमाँ का चित्र
    प्रार्थना

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  • श्रीअरविंद के पत्र
    ध्यान का अर्थ

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ की कहानी
    आत्मसमर्पण

    आत्मसमर्पण

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    माताजी का घेरा

    माताजी का घेरा

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अपना मार्ग खोजना

    अपना मार्ग खोजना

  • क्या तुम युवा हो ?

    क्या तुम युवा हो ?

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ , श्रीअरविंद आश्रम के आयुर्वेदिक केंद्र में
    रोगी की श्रद्धा

    रोगी की श्रद्धा

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    प्रार्थना

    प्रार्थना

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    मृत्यु की अनिवार्यता

    मृत्यु की अनिवार्यता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    चुनाव करना

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अनुभव का क्षेत्र

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    सच्चा उत्तर

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