ऑरोदुनिया

श्रीअरविंद और श्रीमाँ का संसार

  • परिचय
  • श्रीअरविंद के वचन
  • श्री माँ के वचन
  • श्रीअरविंद की अलौकिक कहानी
  • श्रीमाँ की अलौकिक कहानी
  • खामोश आवाजें
  • अनुभूतियाँ
ऑरोदुनिया community Create a post

ऑरोदुनिया

  1. Home
  2. प्रेम

प्रेम

Recent
  • Most Voted
  • Most Viewed
  • Most Discussed
  • Recent
  • Featured
  • Random
लक्ष्य
290

लक्ष्य

by श्रीअरविंद 3 सप्ताह ago3 सप्ताह ago
विवाह-प्रथा का अंत
400

विवाह-प्रथा का अंत

by श्री माँ 2 महीना ago2 महीना ago
  • 490
    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    श्री माँ के वचन

    उच्चतर चेतना की और छलांग

    मेरे जीवन की जीवन ! मेरी अपनी मधुरतम माँ ! मेरे प्रेम को स्वीकार करो और जैसा तुम बरसों से करती आई हो मेरी भूलों...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 370
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    दुःख झेलना जाना

    यदि किसी समय तुम्हें कोई गभीर दुःख, दारुण संशय या तीव्र कष्ट अभिभूत और हताश कर रहा हो तो शान्ति और स्थिरता पुनः प्राप्त करने...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 1120
    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ न्यू होरीज़ोन शक्कर उद्योग के उदघाटन पे
    श्री माँ के वचन

    प्रेम करने का अर्थ

    जब तुम अपना प्रेम किसी और मनुष्य को देते हो तो प्राय: पहली भूल यह होती है कि तुम उस व्यक्ति से भी प्रेम चाहते...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 270
    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    श्री माँ के वचन

    अकेलापन क्यों ?

    तुम्हें अकेलापन इसलिये लगता है क्योंकि तुम्हें प्रेम की आवश्यकता मालूम होती है। बिना किसी मांग के प्रेम करना सीखो, केवल प्रेम के आनंद के...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 490
    श्री माँ के प्रेम के ऊपर विचार
    श्री माँ के वचन

    प्रेम और खुशी

    तुम उस प्रेम से खुश नहीं होते जो कोई और तुम्हारे लिए अनुभव करता है। तुम्हें औरों के लिए जो प्रेम अनुभव होता है वह...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 290
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    कुछ न चाहो

    अपने समस्त ह्रदय और समस्त शक्ति के साथ स्वयं को भगवान के हाथों में सौंप दो। कोई शर्त न रखो, कोई माँग नहीं, योग में...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 390
    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    श्री माँ के वचन

    कौन योग्य और कौन अयोग्य ?

    ​’भागवत कृपा’ के सामने कौन योग्य है और कौन अयोग्य ?   सभी तो उसी एक दिव्य ‘मां’ के बालक हैं । ‘उनका’ प्रेम उन...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 440
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    साहस और प्रेम

    साहस और प्रेम ही अनिवार्य गुण हैं; और यह सब गुण यदि धुँधले या निस्टेज पड़ जायें फिर भी ये दोनों आत्मा को जीवित रखेंगे।...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 530
    श्री माँ के वचन

    प्रार्थना

    हे समस्त वरदानों के परम वितरक, तुझे, जो इस जीवन को शुद्ध, सुन्दर और शुभ बना कर उसे औचित्य प्रदान करता है, तुझे, हे हमारी नियति...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 560
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    ईर्ष्या और प्रमाद

    मधुर मां, हम ईर्ष्या और प्रमाद से कैसे पिण्ड छुड़ा सकते या उन्हें ठीक कर सकते हैं ? स्वार्थ तुम्हें ईर्ष्यालु बनाता है और दुर्बलता...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago

श्रेणियां

  • श्रीअरविंद के वचन
  • श्री माँ के वचन
  • श्रीअरविंद की अलौकिक कहानी
  • श्रीमाँ की अलौकिक कहानी
  • संस्मरण
  • अनुभूतियाँ
  • दर्शन संदेश
  • खामोश आवाजें
  • आंरोंविल
  • अन्य
3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
  • स्थायी अचंचलता

    स्थायी अचंचलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    शांति मंत्र

    शांति मंत्र

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    घर और काम में साधना

    घर और काम में साधना

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अपात्रता का भाव

    अपात्रता का भाव

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    दो चीज़ें

    दो चीज़ें

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    कभी मत बुड़बुड़ाओ

    कभी मत बुड़बुड़ाओ

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आंतरिक परिवर्तन

    आंतरिक परिवर्तन

  • महर्षि श्रीअरविंद का चित्र
    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    निराशा से दूर रहो

    निराशा से दूर रहो

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ कक्षा लेते हुए
    क्या बच्चो को सज़ा देनी चाहिये?

    क्या बच्चो को सज़ा देनी चाहिये?

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सच्चा सुख कब ?

    सच्चा सुख कब ?

  • श्रीमाँ का चित्र
    तेरा आश्वासन

    तेरा आश्वासन

  • श्रीअरविंद का चित्र
    आध्यात्मिक जीवन में सफलता

    आध्यात्मिक जीवन में सफलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    प्रार्थना

    प्रार्थना

  • श्रीअरविंद का चित्र
    समग्र योग का अर्थ

    समग्र योग का अर्थ

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रद्धा के नेत्र

    श्रद्धा के नेत्र

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    माताजी की शक्ति

    माताजी की शक्ति

© 2026 श्रीअरविंद और श्रीमाँ के चरणों में In Search of The Mother

log in

Captcha!
Forgot password?

forgot password

Back to
log in