प्रश्न और उत्तर १९५७-१९५८

उचित वृत्ति

कुछ ऐसे अति-धर्मशील लोग होते है जो अपने सामने समस्याएँ  तो खड़ी कर लेते हैं, पर उन्हें सुलझाना उनके लिये…

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अब क्या होने-वाला है?

हम इस समय फिर एक बार पृथ्वी के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ पर हैं। सब ओर से लोग मुझसे…

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बच्चों के साथ व्यवहार

बालक जब उत्साह से भरा हो तो उस पर कभी पानी न फेरो। उससे कभी यह न कहो, ''देखो, जीवन…

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आध्यात्मिक जीवन कैसे जिया जाये

.... आध्यात्मिक जीवन जीने का अर्थ है अपने अन्दर दूसरे जगत के प्रति खुलना। यह मानों अपनी चेतना को उलटना…

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सच्चा सत्य

जैसे ही मनुष्य को यह विश्वास हो जाये कि एक जीवन्त और वास्तविक 'सत्य' इस यथार्थ जगत् में व्यक्त होने…

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दुःख-कष्ट का रहस्य

बिलकुल स्वाभाविक रूप से हम अपने-आपसे पूछते हैं कि वह कौनसा रहस्य है जहां पीड़ा हमें ले जाती है। एक…

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पूर्ण स्वतंत्रता

यदि तुम उस चेतना में रहते हो जो मनद्वारा कार्य करती है, चाहे वह उच्चतम मन ही क्यों न हो,…

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मृत व्यक्ति से सम्बंध

इस दृष्टिकोण से यह कहा जा सकता है कि यदि तुम्हारा किसी मृत व्यक्ति के साथ, जो शरीर छोड़ चुका है,…

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विजय की प्राप्ति

विजय की प्राप्ति न केवल बलिदान से, न त्याग से, न ही निर्बलता से होती है। वह केवल ऐसे दिव्य…

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