पूर्णता
जब नीचे की ग्रहणशीलता ऊपर से आती हुई उस शक्ति के बराबर हो जाये जो अभिव्यक्त होना चाहती है तो कहा जा सकता है कि...
जब नीचे की ग्रहणशीलता ऊपर से आती हुई उस शक्ति के बराबर हो जाये जो अभिव्यक्त होना चाहती है तो कहा जा सकता है कि...
जब तक तुम अपने-आपको रूपांतरित करने और रूपांतरित न करने की इच्छा के बीच डुलते रहो – प्रगति के लिए प्रयास करने और क्लांति द्वारा...
विश्व की अंतिम सीमा तक … बल्कि उसके भी परे तक अपना विस्तार करो। प्रगति की समस्त आवश्यकताओं को हमेशा अपने ऊपर ले लो और...
जिस क्षण तुम संतुष्ट हो जाओ और अभीप्सा करना छोड़ दो, उसी क्षण से तुम मरना शुरू कर देते हो। जीवन गति है, जीवन प्रयास...
अगर तुम सचमुच भगवान से प्रेम करते हो तो इसे चुपचाप और शांत रहकर प्रमाणित करो। हर के जीवन में जो कुछ आता हैवह भगवान...
मनुष्यों की जो अधिकतर कठिनाइयाँ होती है उनका कारण होता है, उनका अपनी क्रियाओं पर और दूसरों की क्रियाओं पर अपनी प्रतिक्रियाओं के नियंत्रण का...
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती । सच्ची प्रगति है हमेशा ‘भगवान’ के अधिक निकट आना । हर गुजरता हुआ वर्ष पूर्णता...
माताजी, हर बार जब मैं अपनी चेतना में जरा उठने की कोशिश करता हूँ तो एक धक्का-सा लगता है और ऐसा मालूम होता है कि...
जब तुम अपना प्रेम किसी और मनुष्य को देते हो तो प्राय: पहली भूल यह होती है कि तुम उस व्यक्ति से भी प्रेम चाहते...
… यदि तुम एक सामान्य व्यक्ति हो हो और यदि तुम कष्ट उठाओ और पद्धति से परिचित होओ तो, तुम्हारा विकास लगभग असीम होता है...