मुलतः धम्मपद के सूत्रों से यह शिक्षा मिलती है कि व्यक्ति के लिए दिखायी देने की अपेक्षा होना अधिक आवश्यक…
मधुर माँ, हम अपनी सत्ता को एक कैसे कर सकते हैं? पहला चरण है, अपने अन्दर गहराई में कामनाओं और…
साधारण जीवन में लाखों में से एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं होता जिसका अपनी चैत्य चेतना के साथ सचेतन सम्पर्क…
देश को कठिनाई से उबारने के लिए क्या करना चाहिये? श्रीअरविन्द ने सभी मुश्किलों को पहले से ही देख लिया…
एक पन्द्रह वर्ष की लड़की ने पूछा, "सत्य क्या है?" मैंने उत्तर दिया, “परम प्रभु की इच्छा।" यह चिन्तनात्मक ध्यान…
बदलो... १. घृणा को सामञ्जस्य में २. ईर्ष्या को उदारता में ३. अज्ञान को ज्ञान में ४. अन्धकार को प्रकाश…
हे प्रभो, इस सत्ता में कोई चीज तुझसे कहती है : "मैं कुछ नहीं जानती, "मैं कुछ नहीं हूं, "मैं…
जिन सत्ताओं का एक जीवन में आपके साथ संपर्क स्थापित हो जाता है क्या वे अपने नये जीवनों में हमेशा…
मैं रामायण - महाभारत की कहानियों और तुलसी, कबीर, मीरा आदि के गीतों पर बहुत ज़ोर देता हूँ। क्या इन…
नम्रता चेतना की वह अवस्था है जिसमें तुम्हारी उपलब्धि चाहे जितनी क्यों न हो, तुम्हें यह भान रहता है कि…