एक पन्द्रह वर्ष की लड़की ने पूछा, “सत्य क्या है?”
मैंने उत्तर दिया, “परम प्रभु की इच्छा।”
यह चिन्तनात्मक ध्यान के लिए विषय है।
संदर्भ : श्रीमातृवाणी (खण्ड-१६)
अंदर की बेचैनी ही तुम्हें आंतरिक और बाह्य रूप से नींद लेने से रोकती है।…
तुम्हें डरना नहीं चाहिये। तुम्हारी अधिकतर कठिनाइयां भय से आती है। वास्तव में, ९० प्रतिशत…
श्रीअरविंद ने कितनी ही बार इस बात को दोहराया है कि परमात्मा हास्यप्रिय हैं और…
अभीप्सा का तात्पर्य है, शक्तियों को पुकारना । जब शक्तियाँ प्रत्युत्तर दे देती हैं, तब…