श्री माँ के वचन

आपसे दूरी

हे माँ, मैं आपसे सचमुच बहुत दूर हूँ ! इसका कारण यह है कि तुम बहुत बिखरे हुए हो -…

% दिन पहले

आध्यात्मिक जीवन का आरंभ

मां, हमारा सच्चा आध्यात्मिक जीवन कहां से आरम्भ होता है? सच्चा आध्यात्मिक जीवन तब आरम्भ होता है जब मनुष्य को…

% दिन पहले

यौवन 

​यौवन इस बात पर निर्भर नहीं है कि हम कितने छोटे हैं, बल्कि इस पर कि हम मे विकसित होने…

% दिन पहले

तुम्हारी दिलचस्पी

वास्तविक तथ्य यह है कि विश्व में जिस चीज़ में तुम्हारी दिलचस्पी है - सीधे या घुमावदार रूप में, वह…

% दिन पहले

श्री माँ का पथ प्रदर्शन

माँ, ऐसी कौन-सी चीज़ है हो मुझे हमेशा यह याद रखने में सहायता देगी कि मैं आध्यात्मिक जीवन जी रहा…

% दिन पहले

श्रीअरविंद की शिक्षा

तुम्हारी मुख्य भूल यह थी कि तुमने श्रीअरविन्द की शिक्षा को आध्यात्मिक शिक्षाओं में से एक मान लिया- और यहां…

% दिन पहले

वही सोचो जो तुम बनना चाहते हो

हमारा भूतकाल चाहे जो भी रहा हो, हमने चाहे जो भी भूलें की हों, हम चाहे जितने अज्ञान में क्यों…

% दिन पहले

मेरे आशीर्वाद बहुत भयंकर हैं 

​मेरे आशीर्वाद बहुत भयंकर हैं । वे इसके लिए या उसके लिए, इस व्यक्ति या उस वस्तु के विरुद्ध नहीं होते…

% दिन पहले

सत्य की शक्ति

सत्य 'शक्ति' हमेशा अचंचल होती है । दुर्बलता और अपूर्णता के निश्चित लक्षण हैं - बेचैनी, उत्तेजना तथा अधीरता। तुम्हें…

% दिन पहले

वर्षों का भार

केवल वही वर्ष जो व्यर्थ में बिताये जाते हैं तुम्हें बूढ़ा बनाते हैं । जिस वर्ष में कोई प्रगति नहीं…

% दिन पहले