हे माँ, मैं आपसे सचमुच बहुत दूर हूँ !
इसका कारण यह है कि तुम बहुत बिखरे हुए हो – तुम्हारी चेतना एकाग्र रहने की बजाय बाहरी, सतही चीजों की ओर दौड़ती है ।
संदर्भ : शांति दोशी के साथ वार्तालाप
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती। सच्ची प्रगति है हमेशा भगवान् के…