हर एक के जीवन में एक ऐसा क्षण आता है जब उसे दिव्य मार्ग और अव्यवस्था के बीच चुनाव करना…
अगर तुम कुछ न करो तो तुम्हें अनुभव नहीं हो सकता। सारा जीवन अनुभव का क्षेत्र है। तुम्हारी हर एक…
मधुर मां, योग और धर्म में क्या अन्तर है? आह ! मेरे बच्चे... यह तो ऐसा है मानों तुम मुझसे…
व्यक्तिगत जीवन का प्रयोजन है भगवान को खोजने और उनके साथ एक होने का आनन्द । जब तुम यह बात…
मां, क्या खेल-प्रतियोगिताएं हमारी प्रगति के लिये आवश्यक है? नैतिक शिक्षाकी दृष्टिसे वे काफी हद तक आवश्यक है, क्योंकि यदि…
आध्यात्मिक भाव पूजा, भक्ति और निवेदन के धार्मिक भाव के विपरीत नहीं है, धर्म में जो गलत है वह मन…
तू ही मेरे जीवनका एकमात्र लक्ष्य, मेरी अभीप्सा का केंद्र, मेरे चिंतन की धुरी, मेरे समन्वय की कुंजी है; और…
समय-समय पर अंदर दृष्टि डालना तथा यह अनुभव करना कि हम कुछ नहीं है, और कुछ नहीं कर सकते सदा…
हर व्यक्ति अपने स्वभाव के अनुसार कार्य करता है और अगर वह साहस के साथ, सचाई से उस स्वभाव के…
मधुर माँ, हमें भिखारियों को पैसे देने चाहियें या नहीं ? सुसंघठित समाज में भिखारी होना ही नहीं चाहियें। लेकिन…