श्रीअरविंद के वचन

सनातन धर्म

दूसरे धर्म अधिक प्रचलित रूप से श्रद्धा और व्रतदीक्षा के धर्म हैं, किन्तु 'सनातन धर्म' स्वयं जीवन है; यह एक…

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माँ का सच्चा बालक

तुम माँ के बच्चे हो और माँ का अपने बच्चों के प्रति प्रेम असीम होता है, और वे उनके स्वभाव…

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निद्रा

रात को जागते रहने की कोशिश करना ठीक मार्ग नहीं है; आवश्यक निद्रा का निग्रह करने से शरीर तामसिक हो…

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श्रीकृष्ण और वेद

श्रीक़ृष्ण ने मुझे वेदों का वास्तविक अर्थ बतलाया है, इतना ही नहीं, बल्कि उन्होने मुझे भाषा-शास्त्र का एक नया विज्ञान…

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अतिमानस का द्वार

केवल अपने लिए अतिमानस को प्राप्त करना मेरा अभिप्राय बिल्कुल नहीं है  - मैं अपने लिए कुछ भी नहीं कर…

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अभीप्सा की कमी

प्रश्न : जब साधक किसी अभीप्सा का अनुभव नहीं करता और न कोई अनुभूति ही पाता है तो उसे अपनी…

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श्रद्धा और विश्वास

श्रद्धा-विश्वास अनुभव पर नहीं निर्भर करता; वह तो एक ऐसी चीज है जो अनुभव के पहले से विद्यमान रहती है।…

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भारत की ज़रूरत

भारत को, विशेष रूप से अभी इस क्षण, जिसकी ज़रूरत है वह है आक्रामक सदगुण, ऊँचे आदर्शवाद की भावना, साहसपूर्ण…

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एक ही शक्ति

माताजी और मैं दो रूपों में एक ही 'शक्ति' का प्रतिनिधित्व करते हैं - अतः स्वप्न  में देखा हुआ तुम्हारा…

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अहंकार का त्याग

बाह्य कर्मों में अहंकार प्रायः छिपा रहता है और बिना पते लगे स्वयं को संतुष्ट करता रहता है - लेकिन,…

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