ऑरोदुनिया

श्रीअरविंद और श्रीमाँ का संसार

  • परिचय
  • श्रीअरविंद के वचन
  • श्री माँ के वचन
  • श्रीअरविंद की अलौकिक कहानी
  • श्रीमाँ की अलौकिक कहानी
  • खामोश आवाजें
  • अनुभूतियाँ
ऑरोदुनिया community Create a post

ऑरोदुनिया

श्री माँ

Posted by श्री माँ

  • 310
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    संक्रमण-काल

    स्पष्टतः, अभी यह एक संक्रमण-काल है जो काफ़ी लम्बे समय तक रह सकता है और है भी कष्टदायक। कभी-कभी इस कष्टदायक प्रयास (बहुधा कष्टदायक) की...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 430
    श्री माँ के वचन

    संकट का सामना

    जब कभी, अपने जीवन में तुम्हें संकट का सामना करना पड़े तो उसे प्रभु की कृपा के वरदान के रूप में लो और वह वही...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 550
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    खुद की भूल खोजना

    “असामञ्जस्य-भरे वातावरण” को पहचानना केवल उसी हद तक उपयोगी हो सकता है जिस हद तक वह हर एक के अन्दर उसे सामञ्जस्य-भरे वातावरण में बदलने की...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 470
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    प्रार्थना करो

    यह इसलिए है क्योंकि समस्त संसार मिथ्यात्व में पूरी तरह डूबा हुआ है-इसलिए वे सभी कर्म जो ऊपर उभर आते हैं, मिथ्या होंगे, और यह...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 140
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    भविष्य के लिए काम

    “भविष्य के लिए काम करने” का क्या अर्थ है ? आरंभ करने के लिए, पुरानी व्यक्तिगत और राष्ट्रीय आदतों से चिपके न रहना । संदर्भ...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 680
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    विलक्षण अनुभव

    जीव का सबसे अधिक विलक्षण अनुभव यह है कि जब वह दुख-क्लेश के रूप और उससे होने वाली आशंका की परवाह करना छोड़ देता है...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 970
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    सच्चा सत्य

    जैसे ही मनुष्य को यह विश्वास हो जाये कि एक जीवन्त और वास्तविक ‘सत्य’ इस यथार्थ जगत् में व्यक्त होने की कोशिश में है तो...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 450
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    सूक्ष्म भौतिक आवरण

    रोग चाहे किसी कारण से क्यों न हुआ हो, वह चाहे स्थूल-भौतिक हो या मानसिक, बाह्य हो या आन्तरिक, उसे भौतिक शरीर पर असर करने...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 650
    श्री माँ अपने कक्ष में
    श्री माँ के वचन

    भगवान् का स्वागत

    हमेशा भगवान् का स्वागत करने के लिए तैयार रहो, ‘वे’ किसी भी क्षण तुम्हारे यहां आ सकते हैं। और अगर कभी ‘वे’ तुमसे निश्चित मिलन-स्थल...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 650
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    सष्टि का दुःख-दर्द भगवान् स्वयं अपने ऊपर ले लेते हैं।

    माँ, दुःख-कष्ट अज्ञान और यन्त्रणा से आते हैं। भगवती माता -सावित्री में भगवती माता-अपने बच्चों के लिए जो दुःख-कष्ट झेलती हैं वह किस प्रकार का...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago

श्रेणियां

  • श्रीअरविंद के वचन
  • श्री माँ के वचन
  • श्रीअरविंद की अलौकिक कहानी
  • श्रीमाँ की अलौकिक कहानी
  • संस्मरण
  • अनुभूतियाँ
  • दर्शन संदेश
  • खामोश आवाजें
  • आंरोंविल
  • अन्य
3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ जापान में
    वर्षों का भार

    वर्षों का भार

  • श्रीमाँ का चित्र
    सच्ची पराजय

    सच्ची पराजय

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    कुछ भी असंभव नहीं

    कुछ भी असंभव नहीं

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    माताजी की ओर खुलना

    माताजी की ओर खुलना

  • महर्षि श्रीअरविंद अपने कक्ष में
    विनम्रता

    विनम्रता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    विनम्र बनने का गलत तरीका

    विनम्र बनने का गलत तरीका

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    मैं तुम्हारे साथ हूं

    मैं तुम्हारे साथ हूं

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सतत ‘उपस्थिती’

    सतत ‘उपस्थिती’

  • महाप्रभु श्रीअरविंद घोष
    आत्मा का अनुगमन

    आत्मा का अनुगमन

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    पूंजीवाद

    पूंजीवाद

  • स्थायी अचंचलता

    स्थायी अचंचलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    शांति मंत्र

    शांति मंत्र

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    घर और काम में साधना

    घर और काम में साधना

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अपात्रता का भाव

    अपात्रता का भाव

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    दो चीज़ें

    दो चीज़ें

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    कभी मत बुड़बुड़ाओ

    कभी मत बुड़बुड़ाओ

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

© 2026 श्रीअरविंद और श्रीमाँ के चरणों में In Search of The Mother

log in

Captcha!
Forgot password?

forgot password

Back to
log in