अगर तुम मृत्यु से बच निकालना चाहते हो तो तुम्हें अपने-आपको किसी भी नश्वर वस्तु से न बांधना चाहिये। तुम…
अपने भौतिक जीवन से संतोष की कोई आशा न करो और तुम उसके साथ बंधे न रहोगे । संदर्भ :…
स्वाधीनता बाहरी परिस्थितियों से नहीं बल्कि आन्तरिक मुक्ति से आती है । अपनी आत्मा को पहचानो, उसके साथ एक हो…
तुम्हारे प्रति जो हमारे प्रभु के भौतिक आवरण रहे हो, तुम्हारे प्रति हम असीम कृतज्ञता प्रकट करते हैं। तुमने हमारे…
शोक करना श्रीअरविंद का अपमान है, वे हमारे साथ सचेतन और जीवित रूप में विध्यमान है । संदर्भ : माताजी…
श्रीअरविंद ने अपने शरीर के बारे में जो निर्णय किया उसके लिए बहुत हद तक धरती और मनुष्यों में ग्रहणशीलता…
हे प्रभों, आज प्रात: तूने मुझे यह आश्वासन दिया है कि जब तक तेरा कार्य सम्पन्न नहीं हो जाता, तब…
केवल 'भागवत कृपा' में अविचल विश्वास और श्रद्धा के साथ पूरी तरह से शांत और निश्चल बने रहने से ही…