अगर तुम मृत्यु से बच निकालना चाहते हो तो तुम्हें अपने-आपको किसी भी नश्वर वस्तु से न बांधना चाहिये।
तुम केवल उसी को जीत सकते हो जिससे तुम भय नहीं खाते, और वह जो मृत्यु से भय खाता है वह पहले से ही मृत्यु से पराजित हो चुका है ।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-२)
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