माताजी, हर बार जब मैं अपनी चेतना में जरा उठने की कोशिश करता हूँ तो एक धक्का-सा लगता है और…
सहन करना श्रेष्ठ भाव से भरपूर होना है ; इसका स्थान पूर्ण समझ को लेना चाहिये। संदर्भ : माताजी के…
कोई संगठन ठीक तरीके से चलें इसके लिए आवश्यक शर्तें है कि एक स्पष्ट और यथार्थ दृष्टि हो कि क्या…
औरों की भूल पर क्रुद्ध होने से पहले तुम्हें अपनी भूलों को याद कर लेना चाहिये। संदर्भ : माताजी के…
वास्तविक तथ्य यह है कि विश्व में जिस चीज़ में तुम्हारी दिलचस्पी है - सीधे या घुमावदार रूप में, वह…
अतिमानस अपने-आपमें केवल 'सत्य' ही नहीं, बल्कि मिथ्यात्व का नितान्त निषेध है। अतिमानस ऐसी चेतना में कभी नहीं उतरेगा, प्रतिष्ठित…
हर उपस्थित व्यक्ति के साथ सचेतन संपर्क स्थापित कर लेने के बाद मैं 'परम प्रभु' के साथ एक हो जाती…
मैं किसी राष्ट्र की, किसी सभ्यता की, किसी समाज की, किसी जाति की नहीं हूं, मैं भगवान् की हूं ।…
श्रीमाँ की उपस्थिती हमेशा उपस्थित रहती है; लेकिन अगर तुम अपने ही भरोसे क्रिया करना चाहो-चीजों पर अपने ही विचार,…
जितना कम हो सके उतना कम बोलो। जितना अधिक हो सके उतना अधिक काम करो । संदर्भ : माताजी के…