सब कुछ बदल जाये यदि किसी तरह मनुष्य एक बार आध्यात्मिक बनने के लिए राजी हो सके । परन्तु उसकी…
श्रीमाँ को अपने अंदर कार्य करने देने के लिए मुझे कौन सा व्यक्तिगत प्रयास करने की आवश्यकता है ? आवश्यकता…
शान्ति आवश्यक आधार है पर शान्ति पर्याप्त नहीं है। यदि शान्ति प्रबल और स्थायी हो तो वह आंतर सत्ता को…
रोग चाहे किसी कारण से क्यों न हुआ हो, वह चाहे स्थूल-भौतिक हो या मानसिक, बाह्य हो या आन्तरिक, उसे…
जो भौतिक रूप से श्रीमाँ के पास नहीं हो सकते, वे उसके लिए अभीप्सा तो करें, लेकिन उसे पाने के…
हमेशा भगवान् का स्वागत करने के लिए तैयार रहो, 'वे' किसी भी क्षण तुम्हारे यहां आ सकते हैं। और अगर…
साधक को हमेशा यह याद रखना चाहिये कि प्रत्येक वस्तु आन्तरिक मनोवृत्ति पर निर्भर करती है; यदि उसे भागवत कृपा…
माँ, दुःख-कष्ट अज्ञान और यन्त्रणा से आते हैं। भगवती माता -सावित्री में भगवती माता-अपने बच्चों के लिए जो दुःख-कष्ट झेलती…
ठहरो और प्रतीक्षा करो। परिणाम निश्चित है-लेकिन मार्ग और समय अनिश्चित हैं । संदर्भ : माताजी के वचन (भाग -…
यह निश्चित है कि बिना किसी कष्ट के सत्य बोल सकने के लिए सबसे अच्छा तरीका यह है कि हम…