मनुष्य की सभी समस्याओं का उत्तर

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सब कुछ बदल जाये यदि किसी तरह मनुष्य एक बार आध्यात्मिक बनने के लिए राजी हो सके । परन्तु उसकी…

कौन सा व्यक्तिगत प्रयास

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श्रीमाँ को अपने अंदर कार्य करने देने के लिए मुझे कौन सा व्यक्तिगत प्रयास करने की आवश्यकता है ? आवश्यकता…

शान्ति पर्याप्त नहीं

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शान्ति आवश्यक आधार है पर शान्ति पर्याप्त नहीं है। यदि शान्ति प्रबल और स्थायी हो तो वह आंतर सत्ता को…

सूक्ष्म भौतिक आवरण

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रोग चाहे किसी कारण से क्यों न हुआ हो, वह चाहे स्थूल-भौतिक हो या मानसिक, बाह्य हो या आन्तरिक, उसे…

श्रीमाँ से भौतिक सामीप्य

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जो भौतिक रूप से श्रीमाँ के पास नहीं हो सकते, वे उसके लिए अभीप्सा तो करें, लेकिन उसे पाने के…

भगवान् का स्वागत

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हमेशा भगवान् का स्वागत करने के लिए तैयार रहो, 'वे' किसी भी क्षण तुम्हारे यहां आ सकते हैं। और अगर…

आन्तरिक मनोवृत्ति

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साधक को हमेशा यह याद रखना चाहिये कि प्रत्येक वस्तु आन्तरिक मनोवृत्ति पर निर्भर करती है; यदि उसे भागवत कृपा…

सष्टि का दुःख-दर्द भगवान् स्वयं अपने ऊपर ले लेते हैं।

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माँ, दुःख-कष्ट अज्ञान और यन्त्रणा से आते हैं। भगवती माता -सावित्री में भगवती माता-अपने बच्चों के लिए जो दुःख-कष्ट झेलती…

प्रतीक्षा करो

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ठहरो और प्रतीक्षा करो। परिणाम निश्चित है-लेकिन मार्ग और समय अनिश्चित हैं । संदर्भ : माताजी के वचन (भाग -…

वाणी और क्रिया में सच्चाई

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यह निश्चित है कि बिना किसी कष्ट के सत्य बोल सकने के लिए सबसे अच्छा तरीका यह है कि हम…