माताजी की ओर खुलना

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हम चाहें श्रीअरविंद को लिखें या श्रीमाँ को, क्या यह एक ही बात है ? कुछ लोग कहते हैं कि…

विनम्रता

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निस्संदेह, तुम (महान हुए बिना) योग कर सकते हो। महान होने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके विपरीत, विनम्रता सबसे…

विनम्र बनने का गलत तरीका

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ऐसे लोग हैं, जो विनम्र दिखने के लिए कभी-कभी कह देते हैं : "मैं कुछ नहीं जानता," परंतु वे जो…

आध्यात्मिक जीवन की बाधा

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आध्यात्मिक जीवन में जो चीज़ बाधक है वह शारीरिक सुख-सुविधाओं को महत्व देना और अपनी कामनाओं को आवश्यकता मान बैठना…

मैं तुम्हारे साथ हूं

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मैं तुम्हारे साथ हूं क्योंकि मैं तुम हूं या तुम में हो । मैं तुम्हारे साथ हूं , इसके बहुत…

सतत ‘उपस्थिती’

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हमेशा ऐसे जियो मानों तुम 'परम प्रभु' तथा  'भगवती माँ' की दृष्टि के सामने हो। ऐसी कोई क्रिया न करो,…

आत्मा का अनुगमन

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अपनी आत्मा का अनुगमन करो, अपने मन का नहीं, अपनी आत्मा का, जो सत्य को उत्तर देती है, न कि…

पूंजीवाद

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समाजवादी चाहते हैं पूंजीवाद को खत्म करना, किन्तु ऐसा न करना बेहतर होगा। वे राष्ट्रीय संपत्ति के स्तोत्र हैं। उन्हें…

स्थायी अचंचलता

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ध्यान के द्वारा प्राप्त किया गया अचंचल मन सचमुच बहुत कम समय के लिए रहता है, क्योंकि जैसे ही तुम…

शांति मंत्र

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मैं तुम्हें अपना पुराना मन्त्र बताती हूं; यह बाह्य सत्ता को बहुत शान्त रखता है :   ॐ नमो भगवते।…