मांगो और मांगो

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(आश्रम के बहुत पुराने सदस्य स्व. उदार पिंटों को कौन नहीं जानता ? श्रीमाँ के बहुत निकट थे उदार दा…

रात की यादें

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यदि मस्तिष्क सर्वदा काम करता रहता है तो रात भर में जो कुछ घटित होता है वह हमें क्यों नहीं…

भागवत कृपा

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मां मंदिर श्री अरविंद ग्राम से संबंधित घटना प्रायः व्यक्ति यह सोचा करता है कि इस संसार की सभी भौतिक…

मन की कट्टरता

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आध्यात्मिक भाव पूजा, भक्ति और निवेदन के धार्मिक भाव के विपरीत नहीं है, धर्म में जो गलत है वह है…

कितनी मधुरता

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जब भक्त लोग श्रीमाँ के दर्शन को जाते थे तो उनके दिव्य रूप और माधुरी के प्रभाव से सुध-बुध खो…

श्रीअरविंद की उपस्थिती

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श्रीअरविंद निरंतर हमारे साथ हैं और जो लोग उन्हें देखने और सुनने के लिए तैयार हैं उनके आगे अपने -…

संसार में चलने के लिए

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. . . संसार का  जीवन अपने स्वभाव में अशांति का क्षेत्र है - उचित तरीके से उस पर चलने…

परात्पर भगवान

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जो श्रद्धा वैश्व भगवान के प्रति जाती है वह लीला की आवश्यकताओं के कारण अपनी क्रियाशक्ति में सीमित रहती है।…

जीवन

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एक समर्थ महाप्राण अपनी आन्तरिक शक्तियों के साथ हमारी इस बौनी लघुता को सहारा देता है जिसे हम जीवन कह…

श्रीअरविंद की गायत्री

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युग बदलते हैं और परिस्थितियों में परिवर्तन के साथ नए आदर्शों और नए मंत्रों की आवश्यकता होती है। प्रभु पुनः…