न केवल सजीव प्राणियों में बल्कि निर्जीव वस्तुओं में भी हमें नारायण के दर्शन करने चाहिये, शिव का अनुभव करना…
हर चीज़ सबकी है। यह कहना या सोचना : “यह चीज़ मेरी है", एक ऐसा अलगाव पैदा करता है, एक…
दूसरों के साथ रहते हुए तुम्हें हमेशा एक दिव्य उदाहरण होना चाहिये। तुम्हें एक ऐसा अवसर बनना चाहिये जो उन्हें…
आज से हम यह निश्चय कर लें कि हम अपने-आपको प्रतिदिन पूरी सच्चाई तथा सदिच्छा के साथ ऊपर उठायेंगे; एक…
चेतना की उच्चतर स्थिति में पहुंचने से पहले एक ऐसी स्थिति आती है जहाँ मनुष्य अपने अन्दर तर्क-शक्ति को-एक स्पष्ट…
अपवादों को छोड़ कर, अपने कुटुम्बी-जनों के लिए तथा उनके लिए जिनसे हम गाड़ी, जहाज़ या ट्राम आदि में मिलते…
मधुर मां, "भागवत विरक्ति" क्या है? ओह, मेरे बच्चे! (मौन) यह ऐसी विरक्ति है जो असीम करुणा से भरपूर है।…
क्या तुम्हें नहीं लगता कि इस संसार में कुत्सित वस्तुएँ पर्याप्त हैं और इसकी कोई आवश्यकता नहीं कि कोई व्यक्ति…
... हमें एक प्रमुख विचार पर, हमारी सत्ता के स्वामी, हमारे तथा जगत् में व्याप्त ईश्वर, सर्वोच्च आत्मन्, विश्वव्यापी आत्मा…
यदि जो होने वाला है उसकी परिस्थिति में तुम अपने लिए अधिक-से-अधिक सम्भव ऊंची मनोवृत्ति अपना सको अर्थात्, यदि तुम…