भय क्यों ?

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(भय पर श्रीअरविन्द के एक सूत्र के बारे में बतलाते हुए श्रीमां ने कहा : ) ...उन लोगों को भी,…

अन्तरात्मा की भूमिका

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मधुर मां, अन्तरात्मा की क्या भूमिका है?   अन्तरात्मा के बिना तो हमारा अस्तित्व ही न होगा! अन्तरात्मा वह है…

प्रयत्न कभी नहीं छोड़ना चाहिये

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बस, इसी श्रद्धा को तुम्हें अपने अन्दर विकसित करने की आवश्यकता है-युक्ति-तर्क और साधारण समझ के साथ मेल खाने वाली…

मनुष्य की भूल

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प्रकृति में एक ऊपर उठने वाला विकास है जो पत्थर से पौधों में और पौधे से पशु में तथा पशु…

उत्तेजना

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केवल दुर्बल लोग ही उत्तेजित रहते हैं, जैसे ही कोई सचमुच प्रबल बन जाता है वह शांतिपूर्ण, स्थिर, अचंचल बन…

हलचल और उत्तेजना

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आध्यात्मिकता शक्तियाँ अचंचलता, शांति और नीरवता में काम करती है। सारी हलचल और उत्तेजना विरोधी प्रभाव से आती है ।…

हमारा एकमात्र कर्तव्य

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भूल या सजा देने का कोई प्रश्न ही नहीं है-अगर हम लोगों को उनकी भूलों के लिए अपराधी ठहरायें या…

आश्वासन

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हे दिव्य और पूजनीय मां, 'तेरी' सहायता के साथ कौन-सी चीज असम्भव है? उपलब्धि का मुहूर्त निकट है और 'तूने'…

विकास

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प्रकति में एक ऊपर उठने वाला विकास है जो पत्थर से पौधों में और पौधे से पशु में तथा पशु…

यादों से स्नेह

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हमें यादों से इतना स्नेह होता है क्योंकि वे सार्वभौमिक हैं। उनके अन्दर 'अनन्तता' के रस का कुछ अंश होता…