हे दिव्य और पूजनीय मां, ‘तेरी’ सहायता के साथ कौन-सी चीज असम्भव है? उपलब्धि का मुहूर्त निकट है और ‘तूने’ हमें अपनी सहायता का आश्वासन दिया है ताकि हम पूर्ण रूप से परम ‘इच्छा’ को पूरा कर सकें। तूने हमें अचिन्त्य वास्तविकताओं और भौतिक जगत् की सापेक्षताओं के बीच उपयुक्त माध्यम के रूप में स्वीकार कर लिया है, और हमारे बीच ‘तेरी’ सतत उपस्थिति ‘तेरे’ सक्रिय सहयोग का चिह्न है।
प्रभु ने इच्छा की है और ‘तू’ कार्यान्वित कर रही है : पृथ्वी पर एक नये प्रकाश का उदय होगा। एक नया जगत् जन्म लेगा, और जिन चीजों के लिए वचन दिया गया था वे पूरी की जायेंगी।
संदर्भ : प्रार्थना और ध्यान
उनके दुःख-दर्द से तीव्र रूप से पीड़ित होकर मैं तेरी ओर मुड़ी और उसका उपचार…
भागवत शक्ति को ग्रहण करने की क्षमता प्राप्त करने तथा तुम्हारे माध्यम से बाह्य जीवन…
यह कभी न भूलो कि तुम अकेले नहीं हो । भगवान् तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारी…
जहाँ कहीं तुम एक महान अंत देखो, निश्चित हो जाओ कि एक महान आरंभ हो…
हमें यादों से इतना स्नेह होता है क्योंकि वे सार्वभौमिक हैं। उनके अन्दर 'अनन्तता' के…