हे दिव्य और पूजनीय मां, ‘तेरी’ सहायता के साथ कौन-सी चीज असम्भव है? उपलब्धि का मुहूर्त निकट है और ‘तूने’ हमें अपनी सहायता का आश्वासन दिया है ताकि हम पूर्ण रूप से परम ‘इच्छा’ को पूरा कर सकें। तूने हमें अचिन्त्य वास्तविकताओं और भौतिक जगत् की सापेक्षताओं के बीच उपयुक्त माध्यम के रूप में स्वीकार कर लिया है, और हमारे बीच ‘तेरी’ सतत उपस्थिति ‘तेरे’ सक्रिय सहयोग का चिह्न है।
प्रभु ने इच्छा की है और ‘तू’ कार्यान्वित कर रही है : पृथ्वी पर एक नये प्रकाश का उदय होगा। एक नया जगत् जन्म लेगा, और जिन चीजों के लिए वचन दिया गया था वे पूरी की जायेंगी।
संदर्भ : प्रार्थना और ध्यान
श्रीअरविन्द सूक्ष्म-भौतिक में निरन्तर रहते हैं और वहां बहुत सक्रिय हैं। मैं प्रायः रोज उनसे…
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती। सच्ची प्रगति है हमेशा भगवान् के…