हे दिव्य और पूजनीय मां, ‘तेरी’ सहायता के साथ कौन-सी चीज असम्भव है? उपलब्धि का मुहूर्त निकट है और ‘तूने’ हमें अपनी सहायता का आश्वासन दिया है ताकि हम पूर्ण रूप से परम ‘इच्छा’ को पूरा कर सकें। तूने हमें अचिन्त्य वास्तविकताओं और भौतिक जगत् की सापेक्षताओं के बीच उपयुक्त माध्यम के रूप में स्वीकार कर लिया है, और हमारे बीच ‘तेरी’ सतत उपस्थिति ‘तेरे’ सक्रिय सहयोग का चिह्न है।
प्रभु ने इच्छा की है और ‘तू’ कार्यान्वित कर रही है : पृथ्वी पर एक नये प्रकाश का उदय होगा। एक नया जगत् जन्म लेगा, और जिन चीजों के लिए वचन दिया गया था वे पूरी की जायेंगी।
संदर्भ : प्रार्थना और ध्यान
जीवनयात्रा में समस्त भय, संकट और विपदा का सामना करने के लिए कवच के रूप…
अपने तुच्छ, स्वार्थपूर्ण व्यक्तित्व से बाहर निकलो ओर अपनी भारतमाता के योग्य शिशु बनो ।…
सारी समस्या का निचोड़ यह है : बुद्धि के मानसिक प्रशासन की जगह आध्यात्मिक चेतना…