... जिस क्षण तुम यह कल्पना करते और किसी-न-किसी तरह अनुभव करते हो, या , प्रारम्भ में, इतना मान भी…
प्रसन्नता भी उतनी ही संक्रामक है जितनी उदासी - इससे ज़्यादा उपयोगी और कुछ नहीं हो सकता कि तुम लोगों…
मेरे बच्चे, यदि तुम एकाग्र होकर गहराई से मेरी आँखों में देख सको तो तुम्हें वह सब मिल जायेगा जो…
प्रत्येक रोग स्वस्थता के किसी नवीन आनंद की ओर जाने का एक पथ है, प्रत्येक अमंगल और दुख-ताप प्रकृति का…
किसी अन्य मनुष्य के प्रभाव के प्रति खुले रहना हमेशा दुखद होता है। तुम्हें भगवान के सिवा और किसी के…
तूने मेरी सत्ता को अनिर्वचनीय शांति और अद्वितीय विश्रांति से भर दिया है ... किसी व्यक्तिगत विचार या इच्छा के…
यदि मनुष्य जीवन को कम गंभीरतापूर्वक लें तो वे बहुत शीघ्र उसे अधिक पूर्ण बना सकेंगे। भगवान् कभी अपने कार्य…
सर्वशक्तिमान होने के नाते भगवान धरती पर उतरने का झंझट किये बिना ही लोगों को ऊपर उठा सकते हैं। अवतारवाद…
श्रीअरविंद जगत् को उस भविष्य के सौन्दर्य के बारे में बतलाने आए थे जिसे चरितार्थ करना ही होगा । वे…
यदि तुम निर्बलता के विचार को दूर फेंक दो तो शक्ति लौट आएगी। किन्तु प्राणमय भौतिक सत्ता में सदा ही…