उस कार्य को करने के लिए ही हमने जन्म किया ग्रहण,
कि जगत को उठा प्रभु तक ले जाएं, उस शाश्वत प्रकाश में पहुंचाएँ,
और प्रभु को उतार जगत पर ले आएँ; इसलिए हम भू पर आये
कि इस पार्थिव जीवन को दिव्य जीवन में कर दे रूपांतरित ।
संदर्भ : सावित्री
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