सुखी और शांत होने का सबसे अच्छा उपाय है भगवान के प्रति गहराई में, तीव्रता के साथ सतत कृतज्ञता का अनुभव करना।
और भगवान के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का सबसे अच्छा तरीका है उसके साथ तदात्म हो जाना ।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-2)
अप्रिय विचार अप्रिय भावनाएं लाते हैं--अप्रिय भावनाएं तुम्हें भगवान् से दूर ले जाती हैं और…
भूल या सजा देने का कोई प्रश्न ही नहीं है-अगर लोगों को हम उनकी भूलों…
इन छोटी-छोटी बातों से क्यों उत्तेजित हो जाते हो? या उनसे अपने को क्यों विचलित…
जो श्रद्धा वैश्व भगवान के प्रति जाती है वह लीला की आवश्यकताओं के कारण अपनी…
भगवान मुझसे क्या चाहते है ? वे चाहते है कि पहले तुम अपने-आपको पा लो,…