मधुर माँ,
हम निश्चय के साथ कब कह सकते है कि हमने श्रीअरविंद का योग शुरू कर दिया है ?
उसका निश्चित चिन्ह क्या है ?
यह कहना असंभव है, क्योंकि हर व्यक्ति के लिए वह अलग-अलग होता है । यह इस पर निर्भर है कि तुम्हारी सत्ता का कौन-सा भाग श्रीअरविंद के प्रभाव के प्रति पहले खुलता और प्रत्युत्तर देता है ।
और कोई भी दूसरे के बारे में नहीं कह सकता ।
संदर्भ : श्रीमातृवाणी (खण्ड-१६)
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