ऐसे लोग हैं जो विनम्र दीखने के लिए कभी-कभी कह देते है : “मैं कुछ नहीं जानता,” परंतु वे जो कहते है उस पर विश्वास नहीं करते !
संसार-भर में सभी जगह कपटी और ढोंगी लोग हैं । यह उनका दुर्भाग्य है। वे प्रगति का द्वार पूरी बंद कर देते हैं । बस ।
संदर्भ : प्रश्न और उत्तर १९५३
किसी भी ग़लत गति को भूमिगत की जगह उसे निवेदित कर देना चाहिये। उस चीज़…
सारा जीवन ही धर्मक्षेत्र है, संसार भी धर्म है। केवल आध्यात्मिक ज्ञानलोचना और शक्ति की…
भगवान् के प्रति पूर्ण आत्मदान के लिए तीन विशेष विधियां : १. सारे गर्व को…