श्रेणियाँ श्री माँ के वचन

मन को खाली कैसे करें ?

मधुर मां,

हम अपने मन को सब विचारों से खाली कैसे कर सकते हैं? जब हम ध्यान में इसके लिए प्रयास करते हैं तो हमेशा यह ख्याल बना रहता है कि हमें कुछ नहीं सोचना चाहिये।

 

तुम्हें ध्यान के समय चुप रहना नहीं सीखना चाहिये, क्योंकि प्रयास का प्रयत्न अपने-आप शोर मचाता है।  तुम्हें अपनी ऊर्जाओं को हृदय में केन्द्रित करना सीखना चाहिये। जब उसमें सफलता मिल जाये तो नीरवता अपने-आप आ जाती है।

 

संदर्भ :  श्रीमातृवाणी (खण्ड-१६)

शेयर कीजिये

नए आलेख

अच्छी नींद के लिए

अंदर की बेचैनी ही तुम्हें आंतरिक और बाह्य रूप से नींद लेने से रोकती है।…

% दिन पहले

भय और बीमारी

तुम्हें डरना नहीं चाहिये। तुम्हारी अधिकतर कठिनाइयां भय से आती है। वास्तव में, ९० प्रतिशत…

% दिन पहले

सच्ची करुणा

साधक को क्या होना चाहिये इसके बारे में मैं तुम्हारे भावों की कदर करती हूँ…

% दिन पहले

आशा

हमारी प्रकृति न केवल संकल्प और ज्ञान के क्षेत्र में प्रान्त है बल्कि शक्ति के…

% दिन पहले

परमात्मा हास्यप्रिय है

श्रीअरविंद ने कितनी ही बार इस बात को दोहराया है कि परमात्मा हास्यप्रिय हैं और…

% दिन पहले

अभीप्सा का तात्पर्य

अभीप्सा का तात्पर्य है, शक्तियों को पुकारना । जब शक्तियाँ प्रत्युत्तर दे देती हैं, तब…

% दिन पहले