भगवान् भले ही तुम्हारी ओर झुक आयें परन्तु ‘उन्हें ‘ ठीक तरह समझने के लिए तुम्हें ‘उन’ तक उठना होगा ।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग -२)
भूल या सजा देने का कोई प्रश्न ही नहीं है-अगर लोगों को हम उनकी भूलों…
इन छोटी-छोटी बातों से क्यों उत्तेजित हो जाते हो? या उनसे अपने को क्यों विचलित…
जो श्रद्धा वैश्व भगवान के प्रति जाती है वह लीला की आवश्यकताओं के कारण अपनी…
भगवान मुझसे क्या चाहते है ? वे चाहते है कि पहले तुम अपने-आपको पा लो,…