भगवान् भले ही तुम्हारी ओर झुक आयें परन्तु ‘उन्हें ‘ ठीक तरह समझने के लिए तुम्हें ‘उन’ तक उठना होगा ।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग -२)
भगवान के प्रति पूर्ण आत्म-दान के लिए तीन विशेष विधियाँ : (१) सारे गर्व को…
श्रीअरविन्द सूक्ष्म-भौतिक में निरन्तर रहते हैं और वहां बहुत सक्रिय हैं। मैं प्रायः रोज उनसे…
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…