शायद मधुर माँ मुझसे किसी कारण नाराज हैं । में बेचैन हूँ ।
मैं बिलकुल नाराज नहीं हूँ। लेकिन कैसी अजीब-सी बात है की अपने-आपको ऐसी छोटी-छोटी बातों से बेचैन होने दिया जाये ! तब फिर योग के बारे में क्या ?
तुम्हें इस सबको झाड़ फेकना और चेतना की ज़्यादा अच्छी स्थिति में लौट आना चाहिये।
आशीर्वाद ।
संदर्भ : श्रीमातृवाणी (खण्ड-१६)
एक या दो बार, बस खेल-ही-खेलमें आपने अपनी या श्रीअरविंदकी कोई पुस्तक ली और सहसा…
मेरे प्यारे बालक, तुम हमेशा मेरी भुजाओं में रहते हो और मैं तुम्हें सुख-सुविधा देने,…