नींद में प्राय: मुझे प्राण जगत के बुरे स्वप्न आते हैं। उन्हें कैसे रोका जाये ?
अपनी जाग्रत अवस्था में – उदाहरण के लिये सोने से पहले – यह संकल्प रखो कि ऐसी चीज़ें स्वप्न में न आयें। शुरू में यह विधि तुरंत सफल न होगी, पर अंत में सफलता मिलेगी। या तुम स्वप्न में अधिक सचेतन होने के लिये अभीप्सा करो।
संदर्भ : श्रीअरविंद के पत्र
उनके दुःख-दर्द से तीव्र रूप से पीड़ित होकर मैं तेरी ओर मुड़ी और उसका उपचार…
भागवत शक्ति को ग्रहण करने की क्षमता प्राप्त करने तथा तुम्हारे माध्यम से बाह्य जीवन…
यह कभी न भूलो कि तुम अकेले नहीं हो । भगवान् तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारी…
जहाँ कहीं तुम एक महान अंत देखो, निश्चित हो जाओ कि एक महान आरंभ हो…
हमें यादों से इतना स्नेह होता है क्योंकि वे सार्वभौमिक हैं। उनके अन्दर 'अनन्तता' के…