बातचीत से अवसन्नता

दूसरे व्यक्ति के साथ बात करके अवसन्न हो जाना किसी व्यक्ति के लिये बिलकुल संभव है। बातचीत करनेका अर्थ है एक प्रकार का प्राणिक आदान-प्रदान, सो ऐसा सदा घटित हो सकता है। आया एक विशेष प्रसंग में उन्होंने ठीक-ठीक निरीक्षण किया है या नहीं यह दूसरा विषय है।

सन्दर्भ : श्रीअरविन्द के पत्र (भाग-२)

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