जब भी कोई हार जाने वाला सुझाव हो – चाहे एक स्पंदन, एक विचार या और कुछ भी – तुम निश्चित जानना वह “शैतान” का ही है ।
संदर्भ : श्रीमाँ का एजेंडा (भाग-१)
जीवनयात्रा में समस्त भय, संकट और विपदा का सामना करने के लिए कवच के रूप…
अपने तुच्छ, स्वार्थपूर्ण व्यक्तित्व से बाहर निकलो ओर अपनी भारतमाता के योग्य शिशु बनो ।…
सारी समस्या का निचोड़ यह है : बुद्धि के मानसिक प्रशासन की जगह आध्यात्मिक चेतना…