जब भी कोई हार जाने वाला सुझाव हो – चाहे एक स्पंदन, एक विचार या और कुछ भी – तुम निश्चित जानना वह “शैतान” का ही है ।
संदर्भ : श्रीमाँ का एजेंडा (भाग-१)
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती। सच्ची प्रगति है हमेशा भगवान् के…