जब भी कोई हार जाने वाला सुझाव हो – चाहे एक स्पंदन, एक विचार या और कुछ भी – तुम निश्चित जानना वह “शैतान” का ही है ।
संदर्भ : श्रीमाँ का एजेंडा (भाग-१)
एक या दो बार, बस खेल-ही-खेलमें आपने अपनी या श्रीअरविंदकी कोई पुस्तक ली और सहसा…
मेरे प्यारे बालक, तुम हमेशा मेरी भुजाओं में रहते हो और मैं तुम्हें सुख-सुविधा देने,…